Happy Republic Day 2017 Long Speech Short Essay Poems 26 Jan in English Hindi

Happy Republic Day 2017 Long Speech Short Essay Poems 26 Jan in English Hindi : Hello guys are you ready for celebrate our 68th Republic Day. Now you all are want Best Republic Day 2016 Poems In Hindi For Kids and your children. Then you are in a right site. Here we have all latest collection of Poems and Kavita. As you know Republic Day is a day that is celebrated every year on 26th January. We celebrate Republic Day because in this day Constitution of India was come into existence. You all know about the constitution and what is this. India constitution is a constitution that gives a freedom and Rights to choose your government and know about all Rules of Indian government. Though India became a free nation on August 15, 1947, it declared itself a Sovereign, Democratic and Republic state with the adoption of the Constitution on January 26, 1950. Dr. Rajendra Prasad took oath as the first President of India at the Durbar Hall in Government House and this was followed by the Presidential drive along a five-mile route to the Irwin Stadium, where he unfurled the National Flag.

Happy Republic Day Speech in English

Good morning to all. My name is…… I read in class….. As we all know that we have gathered here on the very special occasion of our nation called as Republic Day of India. I would like to narrate a Republic Day speech in front of you. First of all I would like to say a lot of thank to my class teacher as just because of her I have got such a wonderful opportunity in my school to come on this stage and speak something about my beloved country on its great occasion of Republic day.

India is a self-governing country since 15th of August 1947. India got independence from the British rule on 15th of August in 1947 which we celebrate as Independence Day, However, on 26th of January since 1950 we celebrate as Republic Day. The Constitution of India came into force on 26th of January in 1950, so we celebrate this day as the Republic Day every year. This year in 2017, we are celebrating 67th republic day of India.

Republic means the supreme power of the people living in the country and only public has rights to elect their representatives as political leader to lead the country in right direction. So, India is a Republic country where public elects its leaders as a president, prime minister, etc. Our Great Indian freedom fighters have struggled a lot to the “Purna Swaraj” in India. They did so that their future generations may live without struggle and led country ahead.

The name of our great Indian leaders and freedom fighters are Mahatma Gandhi, Bhagat Singh, Chandra Shekher Ajad, Lala Lajpath Rai, Sardar Ballabh Bhai Patel, Lal bahadur Shastri, etc. They fought continuously against the British rule to make India a free country. We can never forget their sacrifices towards our country. We should remember them on such great occasions and salute them. It has become possible just because of them that we can think from our own mind and live freely in our nation without anyone’s force.

Our first Indian President was Dr. Rajendra Prasad who said that, “We find the whole of this vast land brought together under the jurisdiction of one constitution and one union which takes over responsibility for the welfare of more than 320 million men and women inhabit it”. How shame to say that still we are fighting with crime, corruption and violence (in the form of terrorist, rape, theft, riots, strikes, etc) in our country. Again, there is a need to get together to save our country from such slavery as it is pulling our nation back from going to its main stream of development and progress. We should be aware of our social issues like Poverty, unemployment, illiteracy, global warming, inequality, etc in order to solve them to go ahead.

Dr. Abdul Kalam has said that “If a country is to be corruption free and become a nation of beautiful minds, I strongly feel there are three key societal members who can make a difference. They are the Father, the Mother and the Teacher”. As a citizen of the country we should think seriously about it and do all possible efforts to lead our nation.

Thanks, Jai Hind.

Republic Day Speech in Hindi

मातृभुमि के सम्मान एवं उसकी आजादी के लिये असंख्य वीरों ने अपने जीवन की आहूति दी थी। देशभक्तों

गणतन्त्र (गण+तंत्र) का अर्थ है, जनता के द्वारा जनता के लिये शासन। इस व्यवस्था को हम सभी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। वैसे तो भारत में सभी पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं, परन्तु गणतंत्र दिवस को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाते हैं। इस पर्व का महत्व इसलिये भी बढ जाता है क्योंकि इसे सभी जाति एवं वर्ग के लोग एक साथ मिलकर मनाते हैं।की गाथाओं से भारतीय इतिहास के पृष्ठ भरे हुए हैं। देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत हजारों की संख्या में भारत माता के वीर सपूतों ने, भारत को स्वतंत्रता दिलाने में अपना सर्वस्य न्योछावर कर दिया था। ऐसे ही महान देशभक्तों के त्याग और बलिदान के परिणाम स्वरूप हमारा देश, गणतान्त्रिक देश हो सका।

गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं? मित्रों, जब अंग्रेज सरकार की मंशा भारत को एक स्वतंत्र उपनिवेश बनाने की नजर नही आ रही थी, तभी 26 जनवरी 1929 के लाहौर अधिवेशन में जवाहरलाल नेहरु जी की अध्यक्षता में कांग्रेस ने पूर्णस्वराज्य की शपथ ली। पूर्ण स्वराज के अभियान को पूरा करने के लिये सभी आंदोलन तेज कर दिये गये थे। सभी देशभकतों ने अपने-अपने तरीके से आजादी के लिये कमर कस ली थी। एकता में बल है, की भावना को चरितार्थ करती विचारधारा में अंग्रेजों को पिछे हटना पङा। अंतोगत्वा 1947 को भारत आजाद हुआ, तभी यह निर्णय लिया गया कि 26 जनवरी 1929 की निर्णनायक तिथी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनायेंगे।

26 जनवरी, 1950 भारतीय इतिहास में इसलिये भी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि भारत का संविधान, इसी दिन अस्तित्व मे आया और भारत वास्तव में एक संप्रभु देश बना। भारत का संविधान लिखित एवं सबसे बङा संविधान है। संविधान निर्माण की प्रक्रिया में 2 वर्ष, 11 महिना, 18 दिन लगे थे। भारतीय संविधान के वास्तुकार, भारत रत्न से अलंकृत डॉ.भीमराव अम्बेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे। भारतीय संविधान के निर्माताओं ने विश्व के अनेक संविधानों के अच्छे लक्षणों को अपने संविधान में आत्मसात करने का प्रयास किया है। इस दिन भारत एक सम्पूर्ण गणतान्त्रिक देश बन गया।देश को गौरवशाली गणतन्त्र राष्ट्र बनाने में जिन देशभक्तो ने अपना बलिदान दिया उन्हे याद करके, भावांजली देने का पर्व है, 26 जनवरी।

मित्रो, भारत से व्यपार का इरादा लेकर अंग्रेज भारत आये थे, लेकिन धीरे -धीरे उन्होने यहाँ के राजाओं और सामंतो पर अपनी कूटनीति चालों से अधिकार कर लिया। आजादी कि पहली आग मंगल पांडे ने 1857 में कोलकता के पास बैरकपुर में जलाई थी, किन्तु कुछ संचार संसाधनो की कमी से ये आग ज्वाला न बन सकी परन्तु, इस आग की चिंगारी कभी बुझी न थी। लक्ष्मीबाईसे इंदिरागाँधी तक, मंगल पांडे से सुभाष तक, नाना साहेब से सरदार पटेल तक, लाल(लाला लाजपत राय), बाल(बाल गंगाधर तिलक), पाल(विपिन्द्र चन्द्र पाल) हों या गोपाल, गाँधी, नेहरु सभी के ह्रदय में धधक रही थी। 13 अप्रैल 1919 की (जलिया वाला बाग) घटना, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की सबसे अधिक दुखदाई घटना थी। जब जनरल डायर के नेतृत्व में अंग्रेजी फौज ने गोलियां चला के निहत्थे, शांत बूढ़ों, महिलाओं और बच्चों सहित सैकड़ों लोगों को मार डाला था और हज़ारों लोगों को घायल कर दिया था। यही वह घटना थी जिसने भगत सिंह और उधम सिंह जैसे, क्रांतीकारियों को जन्म दिया। अहिंसा के पुजारी हों या हिंसात्मक विचारक क्रान्तिकारी, सभी का ह्रदय आजादी की आग से जलने लगा। हर वर्ग भारतमात के चरणों में बलिदान देने को तत्पर था।

अतः 26 जनवरी को उन सभी देशभक्तों को श्रद्धा सुमन अपिर्त करते हुए, गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय पर्व भारतवर्ष के कोने-कोने में बड़े उत्साह तथा हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। प्रति वर्ष इस दिन प्रभात फेरियां निकाली जाती है। भारत की राजधानी दिल्ली समेत प्रत्येक राज्य तथा विदेषों के भारतीय राजदूतावासों में भी यह त्योहार उल्लास व गर्व से मनाया जाता है।

26 जनवरी का मुख्य समारोह भारत की राजधानी दिल्ली में भव्यता के साथ मनाते हैं। देश के विभिन्न भागों से असंख्य व्यक्ति इस समारोह की शोभा देखने के लिये आते हैं। हमारे सुरक्षा प्रहरी परेड निकाल कर, अपनी आधुनिक सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करते हैं तथा सुरक्षा में सक्षम हैं, इस बात का हमें विश्वास दिलाते हैं। परेड विजय चौक से प्रारम्भ होकर राजपथ एवं दिल्ली के अनेक क्षेत्रों से गुजरती हुयी लाल किले पर जाकर समाप्त हो जाती है। परेड शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री ‘अमर जवान ज्योति’ पर शहीदों को श्रंद्धांजलि अर्पित करते हैं। राष्ट्रपति अपने अंगरक्षकों के साथ 14 घोड़ों की बग्घी में बैठकर इंडिया गेट पर आते हैं, जहाँ प्रधानमंत्री उनका स्वागत करते हैं। राष्ट्रीय धुन के साथ ध्वजारोहण करते हैं, उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाती है, हवाई जहाजों द्वारा पुष्पवर्षा की जाती है। आकाश में तिरंगे गुब्बारे और सफेद कबूतर छोड़े जाते हैं। जल, थल, वायु तीनों सेनाओं की टुकडि़यां, बैंडो की धुनों पर मार्च करती हैं। पुलिस के जवान, विभिन्न प्रकार के अस्त्र-षस्त्रों, मिसाइलों, टैंको, वायुयानो आदि का प्रदर्षन करते हुए देश के राष्ट्रपति को सलामी देते हैं। सैनिकों का सीना तानकर अपनी साफ-सुथरी वेषभूषा में कदम से कदम मिलाकर चलने का दृष्य बड़ा मनोहारी होता है। यह भव्य दृष्य को देखकर मन में राष्ट्र के प्रति भक्ति तथा ह्रदय में उत्साह का संचार होता है। स्कूल, कॉलेज की छात्र-छात्राएं, एन.सी.सी. की वेशभूषा में सुसज्जित कदम से कदम मिलाकर चलते हुए यह विश्वास उत्पन्न करते हैं कि हमारी दूसरी सुरक्षा पंक्ति अपने कर्तव्य से भलीभांति परिचित हैं। मिलेट्री तथा स्कूलों के अनेक बैंड सारे वातावरण को देशभक्ति तथा राष्ट्र-प्रेम की भावना से गुंजायमान करते हैं। विभिन्न राज्यों की झांकियां वहाँ के सांस्कृतिक जीवन, वेषभूषा, रीति-रिवाजों, औद्योगिक तथा सामाजिक क्षेत्र में आये परिवर्तनों का चित्र प्रस्तुत करती हैं। अनेकता में एकता का ये परिदृष्य अति प्रेरणादायी होता है। गणतन्त्र दिवस की संध्या पर राष्ट्रपति भवन, संसद भवन तथा अन्य सरकारी कार्यालयों पर रौशनी की जाती है।

26 जनवरी का पर्व देशभक्तों के त्याग, तपस्या और बलिदान की अमर कहानी समेटे हुए है। प्रत्येक भारतीय को अपने देश की आजादी प्यारी थी। भारत की भूमि पर पग-पग में उत्सर्ग और शौर्य का इतिहास अंकित है। किसी ने सच ही कहा है- “कण-कण में सोया शहीद, पत्थर-पत्थर इतिहास है।“ ऐसे ही अनेक देशभक्तों की शहादत का परिणाम है, हमारा गणतान्त्रिक देश भारत।

26 जनवरी का पावन पर्व आज भी हर दिल में राष्ट्रीय भावना की मशाल को प्रज्वलित कर रहा है। लहराता हुआ तिरंगा रोम-रोम में जोश का संचार कर रहा है, चहुँओर खुशियों की सौगात है। हम सब मिलकर उन सभी अमर बलिदानियों को अपनी भावांजली से नमन करें, वंदन करें।

जय हिन्द, जय भारत

Republic Day 2017 Essay in English

January 26 is our Republic Day. We celebrate this day every year. It was on this day in 1950 that Indian became a Sovereign Democratic Republic and had a constitution of its own.

The Republic Day is celebrated all over the country with great pomp and show. In Delhi, it is celebrated amidst great enthusiasm and joy.

A special parade is held on this day. Early in the morning people begin to assemble at Raj Path and other places form Rajapath to Red Fort to watch the parade. The President of India takes the salute.

A procession starts form Vijay Chowk. All the three wings of armed forces take part in the parade. There is a display of various arms, tanks, big guns and other weapons of war. Military bands play different tunes. N.C.C cadets and the police also participate in the parade.

They are followed by tableaux form the different states. They depict a true picture of the life and customs of the people of the respective state and the progress they have made after independence.

Folk dances are held. The dancers sing and play on virus instruments. Boys and girls of local colleges and schools march in precision and sing national song.

There is a colorful fly-past be deferent types of aero panes. Rose petals are showered form the air and a tricolor of saffron, white and green, the colours of the national flag, is left behind. Balloons of these clouds float in the air.

At night all the government buildings are illuminated and the people move out to watch the beautiful sight.

Republic Day Essay in Hindi

भारत में हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रुप में जाना जाता है जो कि भारत के लोगों द्वारा बेहद खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य होने के महत्व को सम्मान देने के लिये इसको मनाया जाता है जो 26 जनवरी 1950 में भारत के संविधान के लागू होने के बाद घोषित किया गया था। इसे ब्रिटीश शासन से भारत की ऐतिहासिक आजादी को याद करने के लिये मनाया जाता है। इस दिन को भारत सरकार द्वारा पूरे देश में राजपत्रित अवकाश के रुप में घोषित किया गया है। इसे पूरे भारत वर्ष में विद्यार्थीयों द्वारा स्कूल, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में मनाया जाता है।

भारत सरकार हर साल राष्ट्रीय राजधानी, नई दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित करती है जिसमें इंडिया गेट पर खास परेड का आयोजन होता है। अल-सुबह ही इस महान कार्यक्रम को देखने के लिये लोग राजपथ पर इकट्ठा होने लगते है। इसमें तीनों सेनाएँ विजय चौक से अपनी परेड को शुरु करती है जिसमें तरह-तरह अस्त्र-शस्त्रों का भी प्रदर्शन किया जाता है। आर्मी बैंड, एन.सी.सी कैडेट्स और पुलिस बल भी विभिन्न धुनों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन करते है। राज्यों में भी इस उत्सव को राज्यपाल की मौजूदगी में बेहद शानदार तरीके से मनाया जाता है।

भारत में आजादी के बाद “विविधता में एकता” के अस्तित्व को दिखाने के लिये देश के विभिन्न राज्य भी खास झाँकियों के माध्यम से अपनी संस्कृति, परंपरा और प्रगति को प्रदर्शित करते है। लोगों द्वारा अपनी तरफ का लोक नृत्य प्रस्तुत किया जाता है साथ ही गायन, नृत्य और वाद्य यंत्रों को बजाया जाता है। कार्यक्रम के अंत में तीन रंगों(केसरिया, सफेद, और हरा) के फूलों की बारिश वायु सेना द्वारा की जाती है जो आकाश में राष्ट्रीय झंडे का चिन्ह् प्रदर्शित करता है। शांति को प्रदर्शित करने के लिये कुछ रंग-बिरंगे गुब्बारों को आकाश में छोड़ा जाता है।

Republic Day Poems in English

Where the mind is without fear
and the head is held high;
Where knowledge is free;
Where the world has not been
broken up into fragments by
narrow domestic walls;
Where the words come out
from the depth of truth;
Where tireless striving stretches
its arms towards perfection;
Where the clear stream of reason
has not lost its way into the dreary
desert sand of dead habit;
Where the mind is led forward
by thee into ever-widening thought
and action – Into that heaven of
freedom, my Father, let my country awake.

26 January Poems in Hindi

Kehte hain alvida hum ab is jahaan ko,
Jaakr Khuda ke ghar se phir aaya na jaayega…

Ahle-e-vatan agarche humein bhool jaayenge,
Ahal-e-vatan ko humse bhulaya na jaayega…

Zulmo-sitam se tang naa aayenge hum kabhi,
Humse sare-niyaaz jhukaya na jaayega…

Isse ziyada aur sitam kya karenge vo,
Isse ziyada unse sataya na jaayega…

Yeh sach hai, maut humko mita degi dahar se,
Lekin hamara naam mitaya na jaayega…

Hum zindagi se rooth ke baithe hain jail mein,
Ab zindagi se humko manaya na jayega…

Humne lagayi aag hai jo inqalaab ki,
Is aag ko kisi se bujhaya na jaayega…

Yaron! Hai ab bhi waqt humein dekh-bhaal lo,
Phir kuch pata hamara lagaya na jaayega…

Ai maut! Jald aa ki tera intezaar hai,
Ab humse baare-jeest uthaya na jaayega…

Aazaad hum kara na sake apne mulq ko,
‘Khanjar’ yeh muh Khuda ko dikhaya na jaayega…

 

 

 

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Updated: December 2, 2016 — 4:51 pm

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